इमोशंस पर लिखी शायरी कोई फैशन या दिखावे की चीज़ नहीं होती, ये हमारे दिल से निकली हुई सच्ची फीलिंग्स होती हैं। जब हम किसी को कुछ कह नहीं पाते, जब दिल में बहुत कुछ होता है लेकिन ज़ुबान साथ नहीं देती, तब शायरी ही वो ज़रिया बनती है जिससे हम अपने जज़्बात बयां करते हैं। इसमें दर्द भी होता है, मोहब्बत भी, अकेलापन भी और खुद से की गई वो तमाम बातें भी जो किसी और को कभी नहीं बताई जातीं। शायरी हमारे अंदर के तूफ़ान की खामोश आवाज़ होती है, जो धीरे-धीरे काग़ज़ पर उतरती है। ये हमें हल्का कर देती है, समझा देती है, और कभी-कभी वो हिम्मत भी दे देती है जिसकी हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है। इमोशंस वाली शायरी दरअसल हमारे दिल का आईना होती है — बिना ज़ोर दिए, सब कुछ कह जाने वाली।

